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विजयादशमी : दशहरा की पूजा विधि, महत्व और तिथि

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विजयादशमी : दशहरा की पूजा विधि, महत्व और तिथि
विजयादशमी, जिसे दशहरा भी कहा जाता है, भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह त्योहार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार अच्छाई की बुराई पर विजय और धर्म की अधर्म पर जीत का प्रतीक है।

विजयादशमी का महत्व

  • पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था।
  • इस दिन माता दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का संहार किया था।
  • विजयादशमी बुराइयों को त्यागकर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देती है।
  • यह दिन नए कार्य, शिक्षा और शस्त्र पूजन के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

पूजा विधि

  • दशमी तिथि की सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • माँ दुर्गा और भगवान श्रीराम की पूजा करें।
  • शमी वृक्ष और शस्त्रों की पूजा करने की परंपरा है।
  • इस दिन आयुध पूजन और सीखने के नए कार्यों की शुरुआत करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

विजयादशमी उत्सव

  • भारत के विभिन्न राज्यों में दशहरा धूमधाम से मनाया जाता है।
  • रावण दहन का आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
  • कई जगह रामलीला का मंचन कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद किया जाता है।

आगामी विजयादशमी की तिथियाँ

  • 20 अक्टूबर 2026, मंगलावर