15, मार्च 2026 को दिल्ली,भारत
में सूर्योदय प्रातः 06:30 बजे और सूर्यास्त सायं 18:29 बजे होगा। दैनिक पंचांग के अनुसार, इस दिन कृष्ण पक्ष की
एकादशी 09: 16 am बजे तक प्रभावी रहेगी।
चंद्रमा धनु राशि में
शनिवार,
14 जनवरी 2026
को संध्या,03: 56,
बजे तक रहेगा। इसके पश्चात चंद्रमा धनु राशि में गोचर करेगा,
जो शनिवार 14 जनवरी 2026
को संध्या 03: 56 बजे तक रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
दिन: रविवर
सूर्योदय: 06:30 प्रातः
सूर्यास्त: 18:29 संध्या
तिथि
एकादशी (कृष्ण पक्ष)
प्रारंभ : 08: 11 am, 14 Mar 26समाप्त : 09: 16 am, 15 Mar 26
द्वादशी (कृष्ण पक्ष)
प्रारंभ : 09: 16 am, 15 Mar 26समाप्त : 09: 40 am, 16 Mar 26
प्रारंभ : 04:49 am, 15-Mar-26समाप्त : 05:56 am 16,Mar 26
अशुभ मुहूर्त
राहु काल
प्रारंभ : 04:59 pmसमाप्ति : 06:29 pm
गुलिक काल
प्रारंभ : 03:29 pmसमाप्ति : 04:59 pm
शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त
प्रारंभ : 12:05समाप्ति : 12:53
पंचांग तिथि
नीचे दिए गए विकल्पों का उपयोग करके आप अपनी इच्छित तिथि और शहर का चयन करें। इसके बाद, आपको उस दिन का विस्तृत पंचांग और तिथि की जानकारी प्राप्त होगी।
शुभ मुहूर्त और पंचांग: सही समय का महत्व
हिंदू संस्कृति में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। किसी भी नए कार्य को शुभ समय में शुरू करने से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। सही समय चुनने के लिए पंचांग आवश्यक होता है, जो नक्षत्र, ग्रहों की चाल, और अनुकूल परिस्थितियों की जानकारी प्रदान करता है।
आज का पंचांग और उसका महत्व
आज का पंचांग एक विस्तृत ज्योतिषीय कैलेंडर है, जो दिन के शुभ-अशुभ योग, तिथि, चंद्रमा की स्थिति, और ग्रहों की चाल को दर्शाता है।
पंचांग में कौन-कौन से तत्व होते हैं?
उत्तर:पंचांग में पाँच तत्व होते हैं — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण।
पंचांग किस आधार पर बनाया जाता है?
उत्तर:पंचांग सूर्य और चंद्रमा की खगोलीय गणनाओं पर आधारित होता है।
क्या पंचांग सभी स्थानों के लिए समान होता है?
उत्तर:नहीं, पंचांग स्थान के अनुसार बदल सकता है क्योंकि सूर्योदय का समय अलग-अलग होता है।
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।