पंचांग राशिफल भक्ति का मार्ग त्योहार
आरती

भगवान गणेश | जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।

2 मिनट पढ़ें
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शन मात्रे मनकामना पूर्ति॥ जय देव॥धृ॥
रत्नखचित फरा तुझवरी लावली।
कंठीशोभित मुक्ताफलमाळी॥ जय देव॥१॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शन मात्रे मनकामना पूर्ति॥ जय देव॥धृ॥
लंबोदर पितांबर फणीवर वदन।
सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयन॥ जय देव॥२॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शन मात्रे मनकामना पूर्ति॥ जय देव॥धृ॥
दासरामाचा स्वामी तुम्ही गजवदना।
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची॥ जय देव॥३॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शन मात्रे मनकामना पूर्ति॥ जय देव॥धृ॥
वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ जय देव॥४॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शन मात्रे मनकामना पूर्ति॥ जय देव॥धृ॥
मोरेया रे बाप्पा मोरया रे।
मंगलमूर्ति मोरया रे॥ जय देव॥५॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शन मात्रे मनकामना पूर्ति॥ जय देव॥धृ॥
गणपति बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया।
पुढच्या वर्षी लवकर या॥ जय देव॥६॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शन मात्रे मनकामना पूर्ति॥ जय देव॥धृ॥
सिद्धिविनायक की आरती, जय देव जय देव।
दर्शन मात्रे मनकामना पूर्ति॥ जय देव॥७॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शन मात्रे मनकामना पूर्ति॥ जय देव॥धृ॥

आरती का महत्व

भक्ति और समर्पण:

सिद्धिविनायक आरती भगवान गणेश की भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। यह आरती उनके प्रति श्रद्धा और प्रेम का प्रदर्शन है।

मनोकामना पूर्ति

ऐसा माना जाता है कि सिद्धिविनायक की आरती करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह आरती भगवान गणेश की कृपा पाने का माध्यम है।

सकारात्मक ऊर्जा

आरती गाने और सुनने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह मन को शांति और संतोष प्रदान करता है।

धार्मिक उत्सव

गणेश चतुर्थी और अन्य धार्मिक उत्सवों पर इस आरती का विशेष महत्व है। इसे गाकर भक्त भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।