30 Nov 2025 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

अर्धनारीश्वर स्तोत्र

ardhanarishwar
चाम्पॆयगौरार्धशरीरकायै कर्पूरगौरार्धशरीरकाय । धम्मिल्लकायै च जटाधरायनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 1 ॥ कस्तूरिकाकुङ्कुमचर्चितायै चितारजःपुञ्ज विचर्चिताय । कृतस्मरायै विकृतस्मराय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 2 ॥ झणत्क्वणत्कङ्कणनूपुरायै पादाब्जराजत्फणिनूपुराय । हॆमाङ्गदायै भुजगाङ्गदाय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 3 ॥ विशालनीलॊत्पललॊचनायैविकासिपङ्कॆरुहलॊचनाय । समॆक्षणायै विषमॆक्षणाय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 4 ॥ मन्दारमालाकलितालकायैकपालमालाङ्कितकन्धराय । दिव्याम्बरायै च दिगम्बराय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 5 ॥ अम्भॊधरश्यामलकुन्तलायै तटित्प्रभाताम्रजटाधराय । निरीश्वरायै निखिलॆश्वराय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 6 ॥ प्रपञ्चसृष्ट्युन्मुखलास्यकायै समस्तसंहारकताण्डवाय । जगज्जनन्यै जगदॆकपित्रॆनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 7 ॥ प्रदीप्तरत्नॊज्ज्वलकुण्डलायैस्फुरन्महापन्नगभूषणाय । शिवान्वितायै च शिवान्वितायनमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ 8 ॥ ऎतत्पठॆदष्टकमिष्टदं यॊभक्त्या स मान्यॊ भुवि दीर्घजीवी । प्राप्नॊति सौभाग्यमनन्तकालंभूयात्सदा तस्य समस्तसिद्धिः ॥
इत्ति श्री आदिशंकर भगवत्पदा विरचितम अर्धनारीश्वर स्तोत्रम सम्पूरणम् |
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।