सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है और यह व्रत सोमवार के दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय से रात्रि के प्रथम प्रहर तक) में किया जाता है। इस व्रत को रखने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सोम प्रदोष व्रत विशेष रूप से स्वास्थ्य, धन, संतान, और समृद्धि की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
सोम प्रदोष व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार चंद्रदेव (चंद्रमा) को क्षय रोग हो गया। उन्हें यह रोग राजा दक्ष के शाप के कारण हुआ था। चंद्रदेव ने इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की आराधना का संकल्प लिया। चंद्रदेव ने प्रदोष काल में शिवलिंग का विधिपूर्वक पूजन किया और "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप किया। भगवान शिव उनकी भक्ति से प्रसन्न हुए और उन्हें शापमुक्त कर दिया। शिवजी ने कहा, "तुम्हें पूर्ण मुक्ति नहीं मिलेगी, लेकिन तुम्हारा रोग कम हो जाएगा और तुम्हारे क्षय से प्रभावित होने की स्थिति घटती-बढ़ती रहेगी।" इस प्रकार, चंद्रदेव की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होती गई। तभी से सोमवार के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव का पूजन विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है।सोम प्रदोष व्रत विधि
स्नान और शुद्धि
- प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
व्रत का पालन
- पूरे दिन उपवास रखें। फलाहार या जल ग्रहण कर सकते हैं।
- ब्रह्मचर्य का पालन करें और मन को शुद्ध रखें।
प्रदोष काल की पूजा
- प्रदोष काल (संध्या समय) में शिवलिंग के सामने दीपक जलाएं।
- भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, और शक्कर से स्नान कराएं।
- बेलपत्र, धतूरा, पुष्प, चंदन, और फल अर्पित करें।
- "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें।
कथा श्रवण
सोम प्रदोष व्रत कथा को श्रद्धापूर्वक सुनें या पढ़ें।आरती और प्रसाद
शिवजी की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।व्रत का पारण
अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर और दान देकर व्रत का समापन करें।व्रत का महत्व
- सोम प्रदोष व्रत से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
- यह व्रत संतान प्राप्ति, स्वास्थ्य, और धन-धान्य की वृद्धि में सहायक है।
- पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
- यह व्रत विशेष रूप से चंद्र दोष, मानसिक शांति, और इच्छित फल प्राप्ति के लिए प्रभावी है।
हर हर महादेव!
Upcoming Pradosh Vrat dates
- 30 January 2026, Friday Shukra Pradosh Vrat
- 14 February 2026, Saturday Shani Pradosh Vrat
- 01 March 2026, Sunday Ravi Pradosh Vrat
- 16 March 2026, Monday Soma Pradosh Vrat
- 30 March 2026, Monday Soma Pradosh Vrat
- 15 April 2026, Wednesday Budha Pradosh Vrat
- 28 April 2026, Tuesday Bhauma Pradosh Vrat