30 Nov 2025 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

हनुमान पूजा

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हनुमान पूजा हिंदू धर्म में अत्यधिक श्रद्धा और भक्ति के साथ की जाती है। हनुमान जी, जिन्हें बजरंगबली, पवनपुत्र, और अंजनी पुत्र के नाम से भी जाना जाता है, भगवान राम के परम भक्त और भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं। हनुमान जी को बल, साहस, भक्ति, निस्वार्थ सेवा, और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है, और उनकी पूजा विशेष रूप से बुरी शक्तियों और संकटों से मुक्ति पाने के लिए की जाती है।

हनुमान पूजा का महत्व

शक्ति और साहस:हनुमान जी की पूजा करने से व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक शक्ति मिलती है, जिससे वह जीवन की कठिनाइयों का सामना साहसपूर्वक कर सकता है। भय और संकट से मुक्ति:हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है, क्योंकि उनकी पूजा करने से भय, संकट, और नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति मिलती है। भक्ति और निस्वार्थ सेवा का आदर्श:हनुमान जी का जीवन भगवान राम की भक्ति और सेवा को समर्पित था, इसलिए उनकी पूजा से भक्तों में निस्वार्थ सेवा और भक्ति की भावना उत्पन्न होती है।

हनुमान पूजा की विधि

स्नान और शुद्धता: पूजा से पहले स्नान करें और मन, वचन, और कर्म से शुद्धता का संकल्प लें। यह पूजा हमेशा शुद्ध हृदय से की जानी चाहिए। हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र: हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र को साफ स्थान पर रखें। यदि आपके पास हनुमान जी का कोई मंदिर या मूर्ति है, तो वहां भी पूजा कर सकते हैं। सिंदूर और चोला: हनुमान जी को सिंदूर और चोला चढ़ाना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि हनुमान जी को सिंदूर प्रिय है। पूजा के दौरान उन्हें सिंदूर और चोला अर्पित करें। पुष्प और माला:हनुमान जी को लाल फूल विशेष रूप से प्रिय होते हैं। पूजा के समय उन्हें लाल रंग के पुष्प, तुलसी की माला, या गुड़हल का फूल चढ़ाएं। धूप और दीप:धूप और दीप जलाकर हनुमान जी की आरती करें। दीपक में घी या तिल के तेल का प्रयोग कर सकते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ:हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। यह हनुमान जी की महिमा का वर्णन करती है और इसके पाठ से मानसिक शांति और शक्ति प्राप्त होती है। भोग अर्पित करें:हनुमान जी को लड्डू, गुड़, या बूंदी का भोग चढ़ाएं। हनुमान जी को प्रसाद के रूप में केले भी अर्पित किए जा सकते हैं। संकट मोचन और आरती: पूजा के अंत में हनुमान जी की आरती करें और संकट मोचन मंत्र या हनुमानाष्टक का जाप करें।

हनुमान जी के कुछ प्रमुख मंत्र:

हनुमान बीज मंत्र:

ॐ ऐं भ्रीम हनुमते, श्री राम दूताय नम:।

हनुमान गायत्री मंत्र:

ॐ आंजनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्।

संकटमोचन हनुमान मंत्र:

ॐ श्री हनुमते नमः।

हनुमान पूजा के दिन

मंगलवार और शनिवार को हनुमान जी की पूजा विशेष रूप से की जाती है, क्योंकि इन दिनों का संबंध हनुमान जी की उपासना से है। हनुमान जयंती भी एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो चैत्र महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस दिन विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा की जाती है और भजन, कीर्तन, और अनुष्ठान होते हैं। दीपावली से एक दिन पहले, नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जी की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था और हनुमान जी ने उन्हें इस युद्ध में सहायता की थी। इसलिए, इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से शत्रुओं से मुक्ति और आंतरिक शक्ति मिलती है।

हनुमान जी की पूजा से लाभ

शत्रुओं से रक्षा मानसिक और शारीरिक शक्ति में वृद्धि सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और संकटों से मुक्ति भक्ति और सेवा के भाव में वृद्धि हनुमान जी की पूजा से भक्तों को उनके जीवन में सभी प्रकार की परेशानियों से छुटकारा मिलता है और वे साहस, शक्ति, और भक्ति का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

आगामी हनुमान पूजा की तिथियाँ
  • 07 नवंबर 2026, शनिवार
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