02 Mar 2026 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

आ लौट के आजा भोलेनाथ लिरिक्स

shivji
आ लौट के आजा भोलेनाथ तुझे माँ गौरा बुलाती है तेरा सुना पड़ा रे कैलाश तुझे माँ गौरा बुलाती है आ लौट के आजा भोलेनाथ तुझे माँ गौरा बुलाती है अंगो पे विभूति गले में माला पहने है शंकर भोला तुम हो सबका पालन हार तुझे माँ गौरा बुलाती है आ लौट के आजा भोलेनाथ तुझे माँ गौरा बुलाती है माथे पे चंदा जटा में गंगा जटा से बहती धारा सबका करता तू बेडा पार तुझे माँ गौरा बुलाती है आ लौट के आजा भोलेनाथ तुझे माँ गौरा बुलाती है हाथो में डमरू पास में त्रिशूल नंदी पे करता सवारी सबका तू है पालनहार तुझे माँ गौरा बुलाती है आ लौट के आजा भोलेनाथ तुझे माँ गौरा बुलाती है |
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।