पंचांग राशिफल अंक राशिफल भक्ति का मार्ग त्योहार

अगली एकादशी

आगामी तिथियाँ

रविवार, 23 अगस्त 2026 पंचांग →
शुक्ल पक्ष एकादशी
23 Aug 2026, 02:00 AM → 24 Aug 2026, 04:18 AM
रविवार, 06 सितंबर 2026 पंचांग →
कृष्ण पक्ष एकादशी
06 Sep 2026, 07:29 PM → 07 Sep 2026, 05:04 PM
सोमवार, 21 सितंबर 2026 पंचांग →
शुक्ल पक्ष एकादशी
21 Sep 2026, 08:00 PM → 22 Sep 2026, 09:43 PM
मंगलवार, 06 अक्टूबर 2026 पंचांग →
कृष्ण पक्ष एकादशी
06 Oct 2026, 02:07 AM → 07 Oct 2026, 12:34 AM
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 पंचांग →
शुक्ल पक्ष एकादशी
21 Oct 2026, 02:11 PM → 22 Oct 2026, 02:48 PM

1. एकादशी क्या है?

एकादशी हिंदू पंचांग की ग्यारहवीं तिथि (11वीं तिथि) होती है, जो प्रत्येक चंद्र मास में दो बार आती है—एक शुक्ल पक्ष में और दूसरी कृष्ण पक्ष में। इस प्रकार वर्ष में सामान्यतः 24 एकादशी होती हैं, जबकि अधिक मास आने पर इनकी संख्या 26 तक हो सकती है।

एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है। इस दिन व्रत, पूजा, जप, ध्यान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। अनेक श्रद्धालु इस दिन अन्न का त्याग कर फलाहार करते हैं और भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं।


2. एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में एकादशी व्रत को सबसे पवित्र व्रतों में से एक माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत रखने से मन, शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है। भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।


3. एकादशी व्रत की पूजा विधि

  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठें।
  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को साफ करें।
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  • दीपक, धूप, पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
  • विष्णु सहस्रनाम या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करें।
  • एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।
  • आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

4. एकादशी व्रत के नियम

  • सात्विक भोजन करें।
  • चावल और अनाज का सेवन न करें।
  • क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचें।
  • <> ब्रह्मचर्य का पालन करें। <> यथासंभव दान और सेवा करें। <> रात्रि में भजन-कीर्तन और भगवान का स्मरण करें।

5. एकादशी में क्या खाएं?

✔ फल

✔ दूध

✔ दही

✔ मखाना

✔ साबूदाना

✔ सिंघाड़े का आटा

✔ कुट्टू का आटा

✔ सेंधा नमक


6. क्या नहीं खाना चाहिए?

✘ चावल

✘ गेहूं

✘ दाल

✘ मसूर

✘ सामान्य नमक

✘ मांसाहार

✘ शराब

✘ प्याज और लहसुन


7. पारण कब करें?

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में निर्धारित समय के भीतर किया जाता है। पारण का सही समय पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकता है, इसलिए अपनी स्थानीय तिथि और समय अवश्य देखें।


8. एकादशी व्रत के लाभ

  • मानसिक शांति
  • आध्यात्मिक उन्नति
  • भगवान विष्णु की कृपा
  • सकारात्मक ऊर्जा
  • आत्मसंयम का विकास
  • सात्विक जीवनशैली

9. वर्ष की प्रमुख एकादशी

  • पुत्रदा एकादशी
  • षट्तिला एकादशी
  • जया एकादशी
  • विजया एकादशी
  • आमलकी एकादशी
  • पापमोचनी एकादशी
  • कामदा एकादशी
  • मोहिनी एकादशी
  • निर्जला एकादशी
  • योगिनी एकादशी
  • देवशयनी एकादशी
  • कामिका एकादशी
  • पुत्रदा एकादशी (श्रावण)
  • अजा एकादशी
  • परिवर्तिनी एकादशी
  • इंदिरा एकादशी
  • पापांकुशा एकादशी
  • रमा एकादशी
  • देवउठनी एकादशी
  • उत्पन्ना एकादशी
  • मोक्षदा एकादशी
  • सफला एकादशी

FAQ Section

❓ एकादशी क्या होती है?

एकादशी हिंदू पंचांग की ग्यारहवीं तिथि है जो भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है।

❓ एक महीने में कितनी एकादशी होती हैं?

प्रत्येक चंद्र मास में दो एकादशी होती हैं—एक कृष्ण पक्ष और एक शुक्ल पक्ष में।

❓ क्या एकादशी में चावल खा सकते हैं?

नहीं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार एकादशी के दिन चावल और अन्य अनाज का सेवन नहीं किया जाता।

❓ एकादशी का पारण कब किया जाता है?

पारण द्वादशी तिथि में पंचांग द्वारा बताए गए शुभ समय में किया जाता है।

❓ क्या फलाहार करना आवश्यक है?

व्रत की विधि व्यक्ति की परंपरा, स्वास्थ्य और क्षमता पर निर्भर करती है। कई श्रद्धालु फलाहार करते हैं, जबकि कुछ केवल जल या दूध लेते हैं।

❓ क्या महिलाएं एकादशी व्रत रख सकती हैं?

हाँ, महिलाएं भी अपनी परंपरा और स्वास्थ्य के अनुसार एकादशी व्रत रख सकती हैं।

❓ क्या एकादशी का व्रत सभी के लिए अनिवार्य है?

नहीं। यह श्रद्धा और व्यक्तिगत आस्था का विषय है। स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों में चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता दें।

❓ अगली एकादशी की तिथि कहाँ देखें?

इस पेज के शीर्ष पर दी गई लाइव जानकारी में अगली एकादशी की तिथि, प्रारंभ समय, समाप्ति समय और पारण समय प्रतिदिन अपडेट किया जाता है।