पंचांग राशिफल अंक राशिफल भक्ति का मार्ग त्योहार

अगली पंचक अवधियाँ

आगामी तिथियाँ

शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 पंचांग →
पूरा दिन — Fri, 28 Aug 2026
शनिवार, 29 अगस्त 2026 पंचांग →
पूरा दिन — Sat, 29 Aug 2026
रविवार, 30 अगस्त 2026 पंचांग →
पूरा दिन — Sun, 30 Aug 2026
सोमवार, 31 अगस्त 2026 पंचांग →
पूरा दिन — Mon, 31 Aug 2026
मंगलवार, 01 सितंबर 2026 पंचांग →
पूरा दिन — Tue, 01 Sep 2026

1. पंचक क्या है?

पंचक हिंदू ज्योतिष में एक विशेष अशुभ काल है जो तब आता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करता है — अर्थात् जब चंद्रमा धनिष्ठा (अंतिम दो चरण), शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में होता है। इन पाँच नक्षत्रों के कारण इसे "पंचक" कहा जाता है।

पंचक काल लगभग 5 दिनों का होता है और प्रत्येक माह में एक बार आता है। इस अवधि में कुछ विशेष कार्य करना अशुभ माना जाता है।


2. पंचक में क्या नहीं करना चाहिए?

  • दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए।
  • लकड़ी एकत्र करना या जलाना वर्जित माना जाता है।
  • घास या पलंग बनाना अशुभ माना जाता है।
  • नए घर की छत नहीं डालनी चाहिए।
  • अंतिम संस्कार से संबंधित कार्यों में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

3. पंचक के प्रकार

  • रोग पंचक — रविवार को प्रारंभ होने वाला पंचक।
  • राज पंचक — सोमवार को प्रारंभ होने वाला पंचक (अपेक्षाकृत शुभ)।
  • अग्नि पंचक — मंगलवार को प्रारंभ होने वाला पंचक।
  • मृत्यु पंचक — शनिवार को प्रारंभ होने वाला पंचक।
  • चोर पंचक — शुक्रवार को प्रारंभ होने वाला पंचक।

4. पंचक में क्या किया जा सकता है?

पंचक काल में सभी कार्य वर्जित नहीं होते। सामान्य दैनिक कार्य, पूजा-पाठ, व्यापार, विवाह (यदि मुहूर्त शुभ हो) आदि किए जा सकते हैं। केवल उपरोक्त विशेष कार्यों से बचना चाहिए।


5. पंचक दोष निवारण

यदि पंचक काल में अनिवार्य रूप से कोई कार्य करना पड़े तो किसी विद्वान पंडित से पंचक शांति पूजा करवाई जा सकती है। भगवान विष्णु की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ भी लाभकारी माना जाता है।


FAQ

❓ पंचक कितने दिन का होता है?

पंचक लगभग 5 दिनों का होता है, जब चंद्रमा पाँच विशेष नक्षत्रों से गुजरता है।

❓ पंचक में शादी हो सकती है?

सामान्यतः पंचक में विवाह से बचने की सलाह दी जाती है, परंतु शुभ मुहूर्त और पंडित की सलाह से निर्णय लेना उचित है।

❓ पंचक में मृत्यु होने पर क्या करें?

पंचक में मृत्यु होने पर विशेष शांति विधि की जाती है। स्थानीय पंडित से परामर्श लें।

❓ अगला पंचक कब है?

इस पेज के शीर्ष पर दी गई लाइव जानकारी में अगले पंचक की तिथि और समय प्रतिदिन अपडेट किया जाता है।