आया हूँ भोले मैं तेरे द्वार,
मुझको भी करदे भव से तू पार,
तू तो बड़ा दानी है
मेरे भोले शिवा,
जग का अंतर यामी है
मेरे भोले शिवा,
सुन अर्ज ये मेरी
शिव शंकर त्रिपुरारी,
भक्ति भर दे मुझमे
झुके चरणों में ये दुनिया सारी,
चरणों की धूल हु मैं
तू ही मेरा स्वामी है
मेरे भोले शिवा,
जग का अंतरयामी है
मेरे भोले शिवा,
प्राणो का पपीहा
बस शिव जी का नाम पुकारे,
कर न जरा जीवन
बाबा चरणों में अर्पण तुम्हारे,
मुझ पर भी कर दे दिया,
सब की तू माने है
मेरे भोले शिवा,
जग का अंतरयामी है
मेरे भोले शिवा,
खाली झोली लेके
भोले मैं तेरे द्वारे पे आया,
बाबा मुझपे कर दे
दोनों हाथो से किरपा की छाया,
महिमा तेरी शिव शम्बू
जग में बखानी है
मेरे भोले शिवा,
जग का अंतरयामी है
मेरे भोले शिवा,