04 Mar 2026 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई लिरिक्स

खुशियों से झोली भरी ज़िंदगी ये संवर सी गई और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई दुनिया थी रूठी हर आस टूटी कोई ना अपना रहा कमज़ोर था दिल हर पग पे मुश्किल कोई ना सपना रहा बिन पानी मछली सी हालत मेरी हो गई और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई रो रो के सबने हर बात पूछी पीछे से हँसते रहे घनघोर ग़म के छाये थे बादल मुझपे बरसते रहे तक़दीर की जैसे चाबी मेरी खो गई और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई रेहमत शिखा पे रखना सदा तुम इतनी से अरदास है बनकर के साया संग तुम चलोगे दिल में ये विश्वास है सोनी की ये ज़िन्दगी अब तेर हो गई और कुछ ना तमन्ना मेरी मुझे श्याम चौखट तेरी मिल गई
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