02 Mar 2026 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

भस्म तेरे तन की बन जाऊं भोलेनाथ लिरिक्स

भस्म तेरे तन की बन जाऊं भोलेनाथ भक्ति में तेरी रम जाऊं भोलेनाथ शाम सुबह गुण तेरा गाऊं भोलेनाथ भक्ति में तेरी रम जाऊं भोलेनाथ ॥ जब जब तू भंगिया को, हाथ से लगाए, प्याले के रूप में तू, मुझको ही पाए, जैसा तू ढाले, ढल जाऊं भोलेनाथ, भक्ति में तेरी, रम जाऊं भोलेनाथ ॥ खोया रहूं भोले, सेवा में तेरी, अंतिम यही है, अभिलाषा शिव मेरी, धूल तेरे पग की, बन जाऊं भोलेनाथ, भक्ति में तेरी, रम जाऊं भोलेनाथ ॥ कर दूँ ये जीवन, मैं तुझको समर्पण, तेरा दिया कर दूँ, तुझको ही अर्पण, नाम तेरा हर पल, मैं गाऊं भोलेनाथ, भक्ति में तेरी, रम जाऊं भोलेनाथ ॥ भस्म तेरे तन की, बन जाऊं भोलेनाथ, भक्ति में तेरी, रम जाऊं भोलेनाथ, शाम सुबह गुण तेरा, गाऊं भोलेनाथ, भक्ति में तेरी, रम जाऊं भोलेनाथ ॥
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