17 Mar 2026 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

देवा श्री गणेशा

देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा ज्वाला सी जलती है आँखो मे जिसके भी दिल मे तेरा नाम है पर्वा ही क्या उसका आरंभ कैसा है और कैसा परिणाम है धरती अंबर सितारे, उसकी नज़रे उतारे डर भी उससे डरा रे, जिसकी रखवालिया रे करता साया तेरा हे देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा, हो तेरी भक्ति तो वरदान है जो कमाए वो धनवान है बिन किनारे की कश्ती है वो देवा तुझसे जो अन्जान है यूँ तो मूषक सवारी तेरी सब पे है पहेरेदारी तेरी पाप की आँधिया लाख हो कभी ज्योती ना हारी तेरी अपनी तकदीर का वो खुद सिकंदर हुआ रे भूल के ये जहां रे जिस किसी ने यहाँ रे साथ पाया तेरा हे देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा देवा श्री गणेशा
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।