29 Jan 2026 Spiritual Guidance Trusted Information

श्री गौमाता आरती

gau-mata
Play Video
ॐ जय जय गौमाता, मैया जय जय गौमाता | जो कोई तुमको ध्याता, त्रिभुवन सुख पाता || मैया जय जय गौमाता ……………… सुख समृद्धि प्रदायनी, गौ की कृपा मिले | जो करे गौ की सेवा, पल में विपत्ति टले || मैया जय जय गौमाता ……………… ममतामयी मन भाविनी, तुम ही जग माता | जग की पालनहारी, कामधेनु माता || मैया जय जय गौमाता ……………… संकट रोग विनाशिनी, सुर महिमा गायी | गौ शाला की सेवा, संतन मन भायी || मैया जय जय गौमाता ……………… गौ माँ की रक्षा हित, हरी अवतार लियो | गौ पालक गौपाला, शुभ सन्देश दियो || मैया जय जय गौमाता ……………… श्री गौमात की आरती, जो कोई सुत गावे | “पदम्” कहत वे तरणी, भव से तर जावे || मैया जय जय गौमाता ………………

श्री गौमाता आरती का महत्व और लाभ

गौ माता हिंदू धर्म में पूजनीय और देवी लक्ष्मी का स्वरूप मानी जाती हैं। गौमाता की आरती करने से न केवल आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और शांति भी आती है। गौ माता की सेवा और आराधना करने से भगवान श्रीकृष्ण, शिव और सभी देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।

श्री गौमाता आरती का महत्व

धर्म, पवित्रता और शुभता का प्रतीक
गौमाता को सनातन धर्म में अत्यंत पूजनीय स्थान प्राप्त है। उनकी आराधना करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता आती है।
सुख-समृद्धि और लक्ष्मी कृपा
गौमाता की सेवा से घर में धन, ऐश्वर्य और समृद्धि बनी रहती है। देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
पापों का नाश और मोक्ष की प्राप्ति
शास्त्रों में कहा गया है कि गौ सेवा और उनकी आरती करने से पापों का नाश होता है। गौमाता की कृपा से व्यक्ति को मोक्ष प्राप्ति का मार्ग मिलता है।
रोगों से मुक्ति और स्वास्थ्य लाभ
गौ माता के दर्शन और उनकी आरती करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। गौमूत्र और पंचगव्य का धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व भी बताया गया है।
कृषि, पर्यावरण और प्रकृति की रक्षा
गौमाता की पूजा करने से पर्यावरण की रक्षा और प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। गाय भारतीय कृषि व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है और उसका पालन-पोषण आर्थिक उन्नति में सहायक होता है।

श्री गौमाता आरती करने के लाभ

  1. घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
  2. पापों का नाश होकर मोक्ष का मार्ग खुलता है।
  3. मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
  4. देवी लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य में वृद्धि होती है।
  5. स्वास्थ्य लाभ और रोगों से मुक्ति मिलती है।
  6. सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक बल मिलता है।

श्री गौमाता की आरती करने का शुभ समय

  1. गौमाता की आरती रोजाना प्रातः और संध्या के समय करने से अत्यधिक शुभ फल प्राप्त होते हैं।
  2. गोपाष्टमी, पूर्णिमा, एकादशी और दिवाली के दिन गौ आरती विशेष लाभकारी होती है।
  3. गाय को हरा चारा, गुड़ और रोटी खिलाने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
Disclaimer: The accuracy or reliability of any information/content/calculations contained in this article is not guaranteed. This information has been collected from various mediums/astrologers/almanac/sermons/beliefs/religious scriptures and presented to you. Our aim is only to provide information, its users should consider it as mere information. Additionally, the responsibility for any use remains that of the user himself.