धरती ने किया है श्रृंगार हरयाली छायी है अपार रिमझिम बारिश की फुहार देवा का आया त्यौहार गणपति पधारे है बजने दे ढोल जय गणेश बोल भाई जय गणेश बोल भाई झूमे धरती और गगन देवा की भक्ति में है सब मगन रिद्धि सिद्धि साथ लिए आये गणराजा भरदेंगे झोली जो मांगना है आजा गणपति पधारे है बजने दे ढोल जय गणेश बोल भाई जय गणेश बोल भाई कोई उडाये रे गुलाल कोई लाये पूजा की थाल कोई लाये मोदक कोई फुल माला सब डूबे भक्ति गोरा हो या काला गणपति पधारे है बजने दे ढोल जय गणेश बोल भाई जय गणेश बोल भाई
गणपति पधारे है बजने दे ढोल
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