गुरुदेव ! दया कर दे, हम ध्यान धरे तेरा । दासों को यही वर दे, हम ध्यान धरे तेरा ।। टेक ॥ उस ब्रह्म मुदत पर, वह नींद तजी हमने। निबटाकर सब बातें , फिर स्नान किया हमने। इस कारण चल भागे, हम ध्यान धरे तेरा ।। १ ॥ इस निर्मल आसन पे, कुछ फूल झुकाये है। तन मन से किया वन्दन, बडे भाग से पाये है। मन मस्त भया अब तो, हम ध्यान धरे तेरा ।। २ ।। गम्भीर प्रशान्ती में यह जलता है दीया। कहे तुकड्या आसन पें, निज प्रकाश मैं पाया। यह ज्योत जले हरदम, हम ध्यान धरे तेरा ।। ३ ।।
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराजांचे भजन: गणराज दया कर दे हम ध्यान धरे तेरा
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