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गुरु पूर्णिमा : तिथि, महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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गुरु पूर्णिमा : तिथि, महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन गुरुओं के सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए समर्पित होता है। इस दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हैं और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।

गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु पूर्णिमा का दिन ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का प्रतीक है। हिंदू धर्म में गुरु को भगवान से भी श्रेष्ठ माना गया है क्योंकि गुरु ही जीवन का सही मार्ग दिखाते हैं।

प्रसिद्ध श्लोक:

“गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वरः
गुरु साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः।”

इसका अर्थ है कि गुरु ब्रह्मा, विष्णु और महेश के समान हैं और वही हमें परम सत्य का ज्ञान कराते हैं।
इस दिन:
  • गुरु का पूजन किया जाता है
  • आशीर्वाद लिया जाता है
  • आध्यात्मिक साधना की जाती है

गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है?

गुरु पूर्णिमा मुख्य रूप से महर्षि वेदव्यास जी की जयंती के रूप में मनाई जाती है।
वेदव्यास जी ने:
  • वेदों का विभाजन किया
  • महाभारत की रचना की
  • पुराणों की रचना की
इसी कारण उन्हें आदि गुरु माना जाता है।
बौद्ध धर्म में भी यह दिन महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन भगवान बुद्ध ने पहला उपदेश दिया था।

गुरु पूर्णिमा पूजा विधि

  1. गुरु पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु निम्नलिखित पूजा करते हैं:
  2. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  3. भगवान विष्णु और गुरु का ध्यान करें।
  4. गुरु की तस्वीर या चरणों की पूजा करें।
  5. पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें।
  6. गुरु मंत्र या गायत्री मंत्र का जाप करें।
  7. अपने गुरु से आशीर्वाद लें।
यदि आपका कोई आध्यात्मिक गुरु नहीं है, तो आप भगवान विष्णु या महर्षि वेदव्यास जी की पूजा कर सकते हैं।

गुरु पूर्णिमा के दिन क्या करें

इस दिन कुछ विशेष कार्य शुभ माने जाते हैं:
  1. गुरु की सेवा करें
  2. दान और पुण्य करें
  3. आध्यात्मिक ग्रंथ पढ़ें
  4. ध्यान और योग करें

गुरु पूर्णिमा के दिन क्या न करें

इस दिन कुछ कार्यों से बचना चाहिए:
  1. गुरु का अपमान न करें
  2. झूठ और क्रोध से बचें
  3. किसी का दिल न दुखाएं

गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक संदेश

गुरु पूर्णिमा हमें यह सिखाती है कि ज्ञान और मार्गदर्शन के बिना जीवन अधूरा है।
गुरु ही वह व्यक्ति है जो:
  • अज्ञान के अंधकार से ज्ञान का प्रकाश दिखाता है
  • जीवन का सही मार्ग बताता है
इसलिए गुरु का सम्मान करना और उनसे सीखना अत्यंत आवश्यक है।

गुरु पूर्णिमा :अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु पूर्णिमा कब मनाई जाती है?
गुरु पूर्णिमा हर वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है।
गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है?
यह दिन महर्षि वेदव्यास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है और गुरु के सम्मान के लिए समर्पित है।
गुरु पूर्णिमा का क्या महत्व है?
यह दिन गुरु के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करने का अवसर है।
गुरु पूर्णिमा किस धर्म में मनाई जाती है?
यह पर्व मुख्य रूप से हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म में मनाया जाता है।

आगामी गुरु पूर्णिमा की तिथियाँ

  • 29 जुलाई 2026, बुधवार