तू ही है बस सहारा मेरा
तुझसे ही है गुज़ारा मेरा
दिल का मेरे है अरमां यही
छूटे न बस ये द्वारा तेरा
जब तक साँसे चलेंगी ,
मुझको दर पे बुलाना
भूलो को तुम भूलो मेरी
मुझे ना भूलाना
मेरा मुझमें तो कुछ भी नही
जो भी है तेरी सौग़ात है
मेरी आँखो में है जो नमी
तेरी कृपा की बरसात है
जब भी कभी मैं भटकूँ
मुझको राहा दिखाना
भूलों को तुम भूलो
मेरी मुझे ना भूलना
तेरे उपकार कितने कहूँ
उनको ना मैं चुका पाऊँगा
माँ की ममता और बाबुल सा प्यार
तेरा कैसे भूला पाउंग्ग
मुझसे निभे ना चाहे,
पर तुम मुझे निभाना
भूलों को तुम भूलो मेरी
मुझे ना भूलना
दर जो छुटा तुम्हारा प्रभु
होगा कैसे गुजारा प्रभु
सोनू कोई ना अपनायेगा
तुमने गर जो बिसारा प्रभु
तुझ बिन पड़े जो जीना,
वो दिन नही दिखाना
भूलों को तुम भूलो..