लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का, रूप सुहाना लागे भोले बाबा का॥ मैं जब जब तुमको देखु, तेरी जटा में गंगा विराजे, मैं मस्त मगन हो जाऊँ, और करू मैं तेरी पूजा, ओम नमः शिवायः, ओम नमः शिवायः लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का........ मैं जब जब तुमको देखु, तेरे माथे पे चन्दा सोहे, मैं मस्त मगन हो जाऊँ, और करू मैं तेरी पूजा, ओम नमः शिवायः, ओम नमः शिवायः लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का........ मैं जब जब तुमको देखु, तेरे गले में नागो की माला, मैं मस्त मगन हो जाऊँ, और करू मैं तेरी पूजा, ओम नमः शिवायः, ओम नमः शिवायः लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का........ मैं जब जब तुमको देखु, तेरे हाथ में डमरू साजे, मैं मस्त मगन हो जाऊँ, और करू मैं तेरी पूजा, ओम नमः शिवायः, ओम नमः शिवायः लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का........ मैं जब जब तुमको देखु, तेरे अंग में बाघम छाला, मैं मस्त मगन हो जाऊँ, और करू मैं तेरी पूजा, ओम नमः शिवायः, ओम नमः शिवायः लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का........ मैं जब जब तुमको देखु, तेरी गोद में गणपति लाला, मैं मस्त मगन हो जाऊँ, और करू मैं तेरी पूजा, ओम नमः शिवायः, ओम नमः शिवायः लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का........ मैं जब जब तुमको देखु, तेरे बगल में गोरा माता, मैं मस्त मगन हो जाऊँ, और करू मैं तेरी पूजा, ओम नमः शिवायः, ओम नमः शिवायः लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का........ मैं जब जब तुमको देखु, तेरे चरणों में नन्दी राजा, मैं मस्त मगन हो जाऊँ, और करू मैं तेरी पूजा, ओम नमः शिवायः, ओम नमः शिवायः लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का.
भोलेनाथ भजन - लोहे का त्रिशूल कमण्डल पीतल का लिरिक्स
पूर्ण अस्वीकरण और क्षेत्रीय नोटिस यहाँ देखें।