02 Mar 2026 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा लिरिक्स

महफ़िल है श्याम आपकी महफ़िल में आइये ज़रा पलकें बिछाए बैठे हैं कुछ तो फरमाइए ज़रा महफ़िल है श्याम आपकी........... यूँ तो हैं लाखों कलियाँ फिर भी सूना है ये चमन चरणों में लगा खाटू की मिटटी तो लाइए ज़रा महफ़िल है श्याम आपकी........... नादानियों पे मेरी करते हमेशा पर्दा तुम परदे की हो गई आदत पर्दा हटाइये ज़रा महफ़िल है श्याम आपकी............ तोहफे में तुम्हे देते अम्बार आंसुओं भरा उस पर ये तुमसे कहते हैं अजी मुस्कुराइए ज़रा महफ़िल है श्याम आपकी............ घडी इंतज़ार की अब बेसब्र हो रही है बैठा है राज चरणों में यूँ ना सताइये ज़रा महफ़िल है श्याम आपकी............
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।