शैली शृंगी सिर जटा
और झोली भगवा भेष
कानन कुंडल भगवा रमे
शिव को रक्षया आदेश ॥
भोले का हूँ भोला मैं तो हूँ उनका दास
मेरे निर्मल मे सदा रहता उनका वास ॥
मैं तो हूँ शिव का दास
मैं तो राहु क्यू उदास ॥
करता हूँ मैं भक्ति उनकी
यही मेरी कला है
तुम भी करके देखो भक्ति
यही मेरी सलाह है
फैल ना होता मैं तो कही भी
होता हरदम पास ॥
मैं तो हूँ शिव का दास
मैं तो राहु क्यू उदास
मैं तो हूँ शिव का दास
मैं तो राहु क्यू उदास ॥
नाम लेके तेरा हम इस दुनिया मे भी छा गये
तू करके जो कहते थे जी आप पर वो आ गये
साथ जिन्हे हो भोले का उन्हे चिंता नही भाए
मिलकर सब बोलो मेरे महादेव जी की जय ॥
लोग कहते है पैसा रखो
बुरे वक़्त मे काम आएगा
हम कहते है महादेव पे भरोसा रखो
बुरा वक़्त ही नही फिर आएगा ॥
बुरा वक़्त नही फिर आएगा
बुरा वक़्त नही फिर आएगा ॥
भोले रहते जिसके पास
जल्दी होता उसका विकास
रख तू भरोसा ना हो उदास
नाम जपले तू भी शिव का बानिया उनका दास
तू भी बानिया षिव का दस तू क्यो रहे उदास ॥
मैं तो हूँ शिव का दास
मैं तो राहु क्यू उदास ॥