02 Mar 2026 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

म्हारां घट मा बिराजता श्री नाथजी

म्हारां घट मा बिराजता , श्रीनाथजी , यमुनाजी , महाप्रभुजी म्हारु मनड़ो छे गोकुल वनरावन , म्हारां तन ना आँगणियां मा तुलसी ना वन, म्हारा प्राण जीवन, म्हारां घट मा बिराजता , श्रीनाथजी , यमुनाजी , महाप्रभुजी म्हारां आतम ना आंगणे, श्री बालकृष्णजी म्हारी आँखों विशे , गिरधारी रे धारी म्हारु तन मन गयु जेने , वारी रे वारी , म्हारां श्याम मुरारी म्हारां प्राण थकी , म्हाने वैष्णव व्हाला नित करता श्रीनाथजी ने , काला रे व्हाला म्हें तो वल्लभ प्रभुजी ना किन्हा छे दर्शन , म्हारो मोही लिन्हों मन हूँ तो नित्य विठ्ठल वर नी , सेवा रे करु हूँ तो आठ समा के री , झाँकी रे करु मैं तो चितडू श्रीनाथजी रा , चरण धरयू , जीवन सफल करयू म्हारां अंत समय की रे , सुनो रे अरजी, ले जो श्रीजी बाबा शरणां मां, दया रे करी म्हाने तेडावे यम के रा , कदी ना आवे , म्हारो नाथ तेडावे
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।