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भजन

नदी किनारे नारियल है रे गरबा भजन लिरिक्स

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 नदी किनारे नारियल है रे 
नारियल है रे,
ओ म्हारी कालिका माँ ने वास्ते रे,
भाई नारियल है रे,
नदी किनारे नारियल है रे,
भाई नारियल है रे

पहलो यो नारियल नवरंगी रे भाई,
नवरंगी रे,

पहलो यो नारियल नवरंगी रे 
भाई नवरंगी रे,
हो म्हारी कालिका माँ के वास्ते रे,
भाई नवरंगी रे,
नदी किनारे नारियल पेड़ भाई,
भाई नारियल है रे

दूजो यो नारियल नवरंगी रे 
भाई नवरंगी रे,
हो म्हारी वैष्णव माँ के वास्ते रे,
नवरंगी रे,
नदी किनारे नारियेरी रे भाई,
भाई नारियल है रे।।

तीसरो यो नारियल नवरंगी रे 
भाई नवरंगी रे,
हो म्हारी अम्बा माँ के वास्ते रे,
भाई नवरंगी रे,
नदी किनारे नारियेरी रे भाई,
भाई नारियल है रे।।

चौथो यो नारियल नवरंगी रे 
भाई नवरंगी रे
हो म्हारी जगदम्बे माँ के वास्ते रे,
भाई नवरंगी रे
नदी किनारे नारियेरी रे भाई,
भाई नारियल है रे।।

पांचवो यो नारियल नवरंगी रे
भाई नवरंगी रे,
हो म्हारी पाटना माँ के वास्ते रे,
भाई नवरंगी रे
नदी किनारे नारियेरी रे भाई,
भाई नारियल है रे।।