पलकों का घर तैयार साँवरे
मेरी अखियाँ करें इन्तज़ार साँवरे
पलकों का घर तैयार साँवरे..
आँखों के अंसुवन जल से, तेरे चरण पखारूंगा मैं
पलकों की कंघी से तेरे बाल सँवारूँगा मैं
मोका सेवा का दे, एकबार साँवरे
पलकों का घर तैयार साँवरे
मेरी पलकों का घर तैयार साँवरे
पुतली के दरवाज़े उपर, पलकों का है पहरा
प्रेम है ये नि स्वार्थ हमारा, सागर सा है गहरा है
हम तेरे हुए तलबगार सॉंवरे
पलकों का घर तैयार साँवरे
बढ़े भाव से , बड़े चाव से, तेरा लाड़ करेंगे
जहाँ रखोगे क़दम कन्हैया, वहीं पे हाथ रखेंगे
ख़्वाहिश पूरी करों एक बार साँवरे
पलकों का घर तैयार साँवरे
मेरी पलकों का घर तैयार साँवरे
महलों जैसे ठाठ नहीं, धर देखने तो आओ
रहना ना चाहो कम से कम, आज़माने आओ
मोहित दिल से करे मनुहार साँवरे
पलकों का घर तैयार साँवरे
मेरी पलकों का घर तैयार साँवरे
मेरी अखियाँ करें इन्तज़ार साँवरे
पलकों का घर तैयार साँवरे...