सुनता है सबकी विनती मेरा भोलेनाथ
मैं भी जग से हार के आया थाम लो मेरा हाथ
रो रही आँखें मेरी हसता ज़माना है
मुश्किलों में घिर गया तेरा दिवाना है
आजा अब तो तेरे बिन कौन सुने मेरी बात
मैं भी जग से हार के आया थाम लो मेरा हाथ
सुनता है सबकी विनती मेरा भोलेनाथ
मैं भी जग से हार के आया थाम लो मेरा हाथ
हर कदम पर क्यू भला मैं मार खाता हूँ
जीतना चाहु मगर में हार जाता हूँ
आजा अब तू देखले मेरे ये हालात
मैं भी जग से हार के आया थाम लो मेरा हाथ
सुनता है सबकी विनती मेरा भोलेनाथ
मैं भी जग से हार के आया थाम लो मेरा हाथ