02 Mar 2026 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

सजा दो घर को गुलशन सा मेरे भोलेनाथ आये है

shivji
सजा दो घर को गुलशन सा मेरे भोलेनाथ आये है लगी कुटिया भी दुल्हन सी मेरे भोलेनाथ आये है पखारो इनके चरणों को बहाकर प्रेम की गंगा बिछा दो अपनी पलकों को मेरे भोलेनाथ आये है उमड़ आयी मेरी आँखे देखकर अपने बाबा को हुयी रोशन मेरी गलिया मेरे भोलेनाथ आये है तुम आकर फिर नही जाना मेरी इस सुनी दुनिया से कहू हरदम यही सबसे मेरे भोलेनाथ आये है लगी कुटिया भी दुल्हन सी मेरे भोलेनाथ आये है सजा दो घर को गुलशन सा मेरे भोलेनाथ आये है
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