श्याम सवेरे देखु तुझको कितना सुंदर रूप है, तेरा साथ ठंडी छाया बाकी दुनिया धूप है, जब जब भी इसे पुकारू मै , तस्वीर को इसकी निहारू मै , ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने, खुश हो जाएगर सावरिया किस्मत को चमका देता, हांथ पकडले अगर किसी का जीवन धन्यबना देता, यह बातें सोच विचारू मै तस्वीर को इसकी निहारू मै, ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने, गिरने से पहले ही आकर बाबा मुझे संभालेगा पूरा है विश्वास है कभीतू तूफ़ानो से निकालेगा , ये तनमन तुझपे वारु मै , तस्वीर को इसकी निहारू मै ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने, श्याम के आगे मुझको तो ये दुनिया फिकी लगती है जिस मोह में और जान है वो इतनी नजदीकी लगती है अपनी तक़दीर सवांरु मै , तस्वीर को इसकी निहारू मै, ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने, ओ मेरा श्याम आजाता मेरे सामने, श्याम सवेरे देखु तुझको कितना सुंदर रूप है
श्याम सवेरे देखु तुझको कितना सुंदर रूप है
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