पंचांग राशिफल भक्ति का मार्ग त्योहार
आरती

श्री गणेश आरती | जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा

1 मिनट पढ़ें

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । 
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ 

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । 
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ 

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । 
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ 

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा । 
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा ॥ 

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । 
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ 

अंधन को आंख देत,कोढ़िन को काया । 
बांझन को पुत्र देत,निर्धन को माया ॥ 

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । 
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ 

'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा । 
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ 

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । 
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ 

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी । 
कामना को पूर्ण करो, जाऊं बलिहारी ॥ 

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । 
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥

 

“जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा” आरती का महत्व और लाभ

परिचय

भगवान गणेश को हिंदू धर्म में विघ्नहर्ता कहा जाता है, यानी वे जीवन की सभी बाधाओं को दूर करने वाले देवता हैं।
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा” आरती भगवान गणपति की सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली आरतियों में से एक है, जिसे हर शुभ कार्य से पहले गाया जाता है।

इस आरती का नियमित पाठ करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।

“जय गणेश” आरती का महत्व

  • हर शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी से की जाती है
  • यह आरती नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है
  • मन को शांति और स्थिरता प्रदान करती है
  • जीवन में सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाती है

 मान्यता है कि सच्चे मन से यह आरती करने पर भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होते हैं

 “जय गणेश” आरती करने के लाभ

  • जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं
  • बुद्धि, ज्ञान और स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है
  • नौकरी, व्यापार और नए कार्यों में सफलता मिलती है
  • घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है
  • मानसिक तनाव और चिंता कम होती है
  • बच्चों और छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी

नियमित आरती से जीवन में स्थिरता और प्रगति आती है।

गणेश जी की आरती करने का शुभ समय

  • गणेश चतुर्थी – सबसे महत्वपूर्ण दिन
  • संकष्टी चतुर्थी – कष्टों को दूर करने के लिए
  •  बुधवार – गणेश जी का विशेष दिन

 इसके अलावा:

  • रोज सुबह (सूर्योदय के समय)
  • शाम (संध्या आरती)

किसी भी नए कार्य, यात्रा या परीक्षा से पहले आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

आरती करने की सही विधि

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
  • दीपक और धूप जलाएं
  • गणेश जी को मोदक या लड्डू अर्पित करें
  • श्रद्धा और भक्ति से आरती गाएं
  • घंटी बजाकर आरती पूरी करें

विशेष उपाय (Bonus Value – SEO Boost)

  • बुधवार को गणेश जी को दूर्वा (घास) चढ़ाएं
  • “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें
  • लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है

इससे आरती का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

  1. “जय गणेश” आरती कब करनी चाहिए?
    सुबह और शाम, विशेष रूप से बुधवार और चतुर्थी के दिन।
  2. क्या रोज आरती करना जरूरी है?
    हां, रोज करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
  3. आरती करने से क्या लाभ मिलता है?
    बाधाएं दूर होती हैं, सफलता और शांति मिलती है।

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा” आरती केवल एक भक्ति गीत नहीं, बल्कि जीवन में सफलता और सुख का मार्ग है।
यदि इसे सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए, तो भगवान गणपति अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं।

गणपति बप्पा मोरया!