पंचांग राशिफल भक्ति का मार्ग त्योहार
आरती

श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन | भगवान श्री राम आरती

4 मिनट पढ़ें

श्री रामचन्द्र कृपालु भज मन हरण भव भय दारुणम्।
नव कंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणम्॥

कंदर्प अगणित अमित छवि नव नील नीरद सुंदरम्।
पट पीत मानहु तड़ित रुचि शुचि नौमि जनक सुतावरम्॥

भजु दीनबंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंदकंद कोसलचंद दशरथ नंदनम्॥

सिर मुकुट कुंडल तिलक चारु उदारु अंग विभूषणम्।
आजानुभुज शर चाप धर संग्राम जीत खरदूषणम्॥

इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम हृदय कंज निवास कुरु कामादि खल दल गंजनम्॥

रामचन्द्र जी की आरती का महत्व, विधि, लाभ और शुभ समय

परिचय

भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है, जो सत्य, धर्म और आदर्श जीवन के प्रतीक हैं।
रामचन्द्र जी की आरती करने से जीवन में धर्म, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है।

“श्री रामचन्द्र कृपालु भज मन” और अन्य राम आरतियों का नियमित पाठ करने से भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

रामचन्द्र जी की आरती का महत्व

  • धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है
  • मन को शांति और स्थिरता प्राप्त होती है
  • पापों और नकारात्मकता का नाश होता है
  • जीवन में सुख, समृद्धि और संतुलन आता है
  • भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त होता है

मान्यता है कि राम जी की आरती करने से जीवन में सद्गुणों का विकास होता है

रामचन्द्र जी की आरती करने की विधि

1. स्थान का चयन

पूजा के लिए साफ और शांत स्थान चुनें। वहां भगवान राम, सीता माता, लक्ष्मण और हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

2. स्नान और वस्त्र

स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। पीला या केसरिया रंग शुभ माना जाता है।

3. पूजा सामग्री

  • दीपक और धूप
  • पुष्प (विशेषकर तुलसी पत्ते)
  • चंदन और अक्षत
  • नैवेद्य (मिठाई या फल)

4. ध्यान और मंत्र

भगवान राम का ध्यान करें और
“श्री राम जय राम जय जय राम” मंत्र का जाप करें।

5. आरती का आरंभ

  • दीपक जलाएं
  • भगवान को पुष्प और तुलसी अर्पित करें
  • श्रद्धा और भक्ति से आरती गाएं

6. प्रसाद वितरण

पूजा के बाद प्रसाद बांटें और स्वयं भी ग्रहण करें।

रामचन्द्र जी की आरती के लाभ

  • मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त होता है
  • आत्मबल और धैर्य बढ़ता है
  • जीवन की बाधाएं और दुख दूर होते हैं
  • परिवार में सुख-शांति बनी रहती है
  • सकारात्मक ऊर्जा और सद्गुणों का विकास होता है

नियमित आरती से जीवन में धर्म और संतुलन स्थापित होता है

रामचन्द्र जी की आरती का शुभ समय

  • राम नवमी (Ram Navami) – सबसे शुभ दिन
  • सुबह (सूर्योदय के समय)
  • शाम (संध्या आरती)

विशेष अवसर:

  • किसी नए कार्य की शुरुआत
  • परिवार में शुभ कार्य

प्रतिदिन आरती करने से विशेष लाभ मिलता है।

विशेष उपाय

  • रोज राम नाम का जाप करें
  • तुलसी के पत्ते अर्पित करें
  • “रामचरितमानस” का पाठ करें

इससे भगवान राम की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

  1. राम जी की आरती कब करनी चाहिए?
    सुबह और शाम, विशेष रूप से राम नवमी के दिन।
  2. आरती करने से क्या लाभ मिलता है?
    मानसिक शांति, सुख और समृद्धि प्राप्त होती है।
  3. क्या रोज आरती कर सकते हैं?
    हां, रोज करने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

रामचन्द्र जी की आरती केवल एक पूजा विधि नहीं, बल्कि जीवन में आदर्श, शांति और धर्म स्थापित करने का सरल मार्ग है।
यदि इसे सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाए, तो भगवान राम अपने भक्तों के जीवन में सुख, शांति और सफलता प्रदान करते हैं।

 जय श्री राम!