02 Mar 2026 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने लिरिक्स

मै हिमाचल की बेटी मेरा भोला बसे काशी सारी उम्र तेरी सेवा करुँगी बनकर तेरी दासी शम्भू शिव शिव शिव शिव शम्भू शम्भू शिव शिव शिव शिव शम्भू ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया बोल बम बोल बम ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया डमरू को सुनकर जी कान्हाजी आये कान्हाजी आये संग में राधा भी आये वहां सखियों का मन भी मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया डमरू को सुनकर जी गणपत चले गणपत चले संग कार्तिक चले माँ अम्बे मन भी मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया डमरू को सुनकर जी राम जी आये राम जी आये संग में लक्ष्मणजी आये मैया सीता का मन भी मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया डमरू को सुनकर जी ब्रम्हा चले यहाँ ब्रम्हा चले वहां विष्णु चले मैया लक्ष्मी का मन भी मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया डमरू को सुनकर जी माँ गंगा चले गंगा चले संग में यमुना चले वहां सरयू का मन भी मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया डमरू को सुनकर जी सूरज चले सूरज चले संग में चंदा चले वहां सरयूतारो का मन भी मगन हो गया सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया ऐसा डमरू बजाया भोलेनाथ ने सारा कैलाश पर्वत मगन हो गया
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।