30 Nov 2025 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

देवी दुर्गा की स्तुति | दुर्गा है मेरी माँ

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दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ, काली है मेरी माँ, भवानी है मेरी माँ। दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ, काली है मेरी माँ, भवानी है मेरी माँ। माँ के चरणों में अपना शीश झुकाता हूँ, माँ के चरणों में अपना शीश झुकाता हूँ, माँ की शरण में पाकर चैन मैं आता हूँ, दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ, काली है मेरी माँ, भवानी है मेरी माँ। माँ की ममता का मैं गुणगान करता हूँ, माँ की ममता का मैं गुणगान करता हूँ, माँ के भक्तों में मैं अपना नाम लिखाता हूँ, दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ, काली है मेरी माँ, भवानी है मेरी माँ। माँ के दरबार में रहमतों का डेरा है, माँ के दरबार में रहमतों का डेरा है, माँ के भक्तों पे माँ का हाथ फेरा है, दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ, काली है मेरी माँ, भवानी है मेरी माँ। जो भी माँ को पुकारे माँ उसके पास है, जो भी माँ को पुकारे माँ उसके पास है, माँ के होते कभी कोई ना निराश है, दुर्गा है मेरी माँ, अम्बे है मेरी माँ, काली है मेरी माँ, भवानी है मेरी माँ।
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