30 Nov 2025 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

जय जय भैरवी असुर भयावनी

ambe-gauri-maiya
जय जय भैरवि असुर भयाउनि,
जय जय भैरवि असुर भयाउनि,
पशुपति भामिनी माया,
सहज सुमति वर दियउ गोसाउनि,
सहज सुमति वर दियउ गोसाउनि,
अनुगति गति तुअ पाया । जय जय भैरवि असुर भयाउनिवासर रैन सबासन शोभित,
वासर रैन सबासन शोभित,
चरण चन्‍द्रमणि चूड़ा,
कतओक दैत्‍य मारि मुख मेलल,
कतओक दैत्‍य मारि मुख मेलल,
कतओ उगिलि कएल कूड़ा । जय जय भैरवि असुर भयाउनिसामर बरन नयन अनुरंजित,
सामर बरन नयन अनुरंजित,
जलद जोग फुलकोका,
कट कट विकट ओठ पुट पांडरि,
कट कट विकट ओठ पुट पांडरि,
लिधुर फेन उठ फोंका । जय जय भैरवि असुर भयाउनिघन घन घनय घुंघरू कत बाजय,
घन घन घनय घुंघरू कत बाजय,
हन हन कर तुअ काता,
विद्यापति कवि तुअ पद सेवक,
विद्यापति कवि तुअ पद सेवक,
पुत्र बिसरू जनि माता । जय जय भैरवी असुर भयावनी
जय जय भैरवी असुर भयावनी जय जय भैरवि असुर भयाउनि
डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।