02 Mar 2026 आध्यात्मिक मार्गदर्शन विश्वसनीय जानकारी

कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी लिरिक्स

कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी, भोले पैदल चले आ रहे है… उनकी जटा में गंगा विराजे, गंगा बहाते चले आ रहे है, उनके माथे पे चंदा विराजे, वो चमकाते चले आ रहे है, कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी, भोले पैदल चले आ रहे है… उनके कानो में बिच्छु विराजे, वो लटकाते चले आ रहे है, उनके गले में नाग विराजे, वो लहराते चले आ रहे है, कितनी सुन्दर है माँ तेरी नगरी, भोले पैदल चले आ रहे है… उनके हाथो में डमरू विराजे , वो बजाते चले आ रहे है, उनके अंगो में बाघम्बर छाला, वो पहन कर चले आ रहे है, कितनी सुन्दर है, माँ तेरी नगरी, भोले पैदल चले आ रहे है… उनके पैरो में घुघरू विराजे, वो बजाते चले आ रहे है, उनके संग में गौर मैया सोहे, जोड़ी बना कर चले आ रहे है, कितनी सुन्दर है, माँ तेरी नगरी, भोले पैदल चले आ रहे है… उनके चरणों में नंदी विराजे, वो घुमाते चले आ रहे है, कितनी सुन्दर, है माँ तेरी नगरी, भोले पैदल चले आ रहे है…
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