क्या पाया है दर तेरे आके तू जाने या मैं जानू मिलता है क्या तुमको रिझा कर तू जाने या मैं जानू सब चाहते हैं जीत जहाँ में किसको पसन् यहाँ हारना क्या जीता हूँ खुद को हरा कर तू जाने या मैं जानू मिलता है क्या तुमको रिझा कर तू जाने या मैं जानू अपनी हस्ती कर दी समर्पित तेरे नाम की ज्योत में निखरा हूँ मैं खुद को बुझा कर तू जाने या मैं जानू मिलता है क्या तुमको रिझा कर तू जाने या मैं जानू प्रेम समर्पण की सब पूँजी तुझपे लुटा दी सांवरे कितना धनी हूँ सबकुछ लुटा के तू जाने या मैं जानू मिलता है क्या तुमको रिझा कर तू जाने या मैं जानू सोनू करे बस चर्चा तुम्हारी और ना गुण कोई ख़ास है काबिल हुआ हूँ गुण तेरे गाकर तू जाने या मैं जानू मिलता है क्या तुमको रिझा कर तू जाने या मैं जानू
क्या पाया है दर तेरे आके तू जाने या मैं जानू लिरिक्स
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