पंचांग राशिफल भक्ति का मार्ग त्योहार
आरती

माँ स्कंदमाता आरती - देवी दुर्गा के पंचम स्वरूप

2 मिनट पढ़ें
जय जय स्कन्द माता,ॐ जयती जय स्कन्द माता,
भक्ति शक्ति प्रदायिनी भक्ति शक्ति प्रदायिनी
सब सुख की दाता, ॐ जयती जय स्कन्द माता,
जय जय स्कन्द माता ॐ जयती जय स्कन्द माता,
भक्ति शक्ति प्रदायिनी भक्ति शक्ति प्रदायिनी
सब सुख की दाता, ॐ जयती जय स्कन्द माता।

कार्तिकेय की हो माता, शंभू की शक्ति,
माँ शंभू की शक्ति, भक्त जनों को मैया,
भक्त जनों को मैया, देना निज भक्ति,
ॐ जयती जय स्कन्द माता।

चार भुजा अति सोहे, गोदी में हैं स्कन्द,
माँ गोदी में हैं स्कन्द, दया करो जगजननी,
दया करो जगजननी, बालक हम मतिमन्द,
ॐ जयती जय स्कन्द माता।

शुभ्र वर्ण अति पावन, सबका मन मोहे,
माँ सबका मन मोहे, होता प्रिय माँ तुमको,
होता प्रिय माँ तुमको, जो पूजे तोहे,
ॐ जयती जय स्कन्द माता।

स्वाहा स्वधा ब्रह्माणी, राधा रुद्राणी,
माँ राधा रुद्राणी, लक्ष्मी शारदा काली,
लक्ष्मी शारदा काली, कमला कल्याणी,
ॐ जयती जय स्कन्द माता।

काम क्रोध मद मैया, जगजननी हरना,
माँ जगजननी हरना, विषय विकारी तन मन,
विषय विकारी तन मन, को पावन करना,
ॐ जयती जय स्कन्द माता।

नवदुर्गो में पंचम, मैया स्वरूप तेरा,
है मैया पंचम स्वरूप तेरा,
पांचवे नवरात्रे को, पाँचवे नवरात्रे को,
होता पूजन तेरा, ॐ जयती जय स्कन्द माता।

तू शिव धाम निवासिनी, महाविलासिनी तू,
माँ महाविलासिनी तू, तू शमशान विहारिणी,
तू शमशान विहारिणी, ताण्डव लासिनी तू,
ॐ जयती जय स्कन्द माता।

हम अति दीन दुखी माँ, कष्टों ने घेरे,
माँ कष्टों ने घेरे, अपना जान दया कर,
अपना जान दया कर, बालक हैं तेरे,
ॐ जयती जय स्कन्द माता।

ॐ जयती जय स्कन्द माता,
भक्ति शक्ति प्रदायिनी भक्ति शक्ति प्रदायिनी
सब सुख की दाता,ॐ जयती जय स्कन्द माता।