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मंत्र

हनुमान जंजीरा मंत्र

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ॐ हनुमान पहलवान पहलवान से प्रारंभ होने वाला यह लोक-परंपरा में प्रचलित हनुमान मंत्र है। इसमें भगवान हनुमान को अंजनी पुत्र, श्रीराम के दूत और बल-पराक्रम के प्रतीक के रूप में स्मरण किया गया है। भक्त परंपरा में इस प्रकार के मंत्रों का पाठ साहस, आत्मबल और भगवान हनुमान की भक्ति के लिए किया जाता है।

हनुमान पहलवान मंत्र

ॐ हनुमान पहलवान पहलवान, बरस बारह का जवान,
हाथ में लड्डू मुख में पान,
खेल खेल गढ़ लंका के चौगान,
अंजनी का पूत, राम का दूत,
छिन में कीलौ नौ खंड का भूत,
जाग जाग हड़मान हुँकाला,
ताती लोहा लंकाला,
शीश जटा डग डेरू उमर गाजे,
वज्र की कोठड़ी ब्रज का ताला,
आगे अर्जुन पीछे भीम,
चोर नार चंपे ने सींण,
अजरा झरे भरया भरे,
ई घट पिंड की रक्षा राजा रामचंद्र जी,
लक्ष्मण कुँवर हड़मान करें॥

मंत्र का भावार्थ

इस मंत्र में भगवान हनुमान के वीर, बलशाली और रक्षक स्वरूप का स्मरण किया गया है। उन्हें अंजनी का पुत्र और भगवान श्रीराम का दूत कहकर संबोधित किया गया है। मंत्र में हनुमान जी के अद्भुत पराक्रम और शक्ति का वर्णन लोकभाषा की शैली में किया गया है।

“आगे अर्जुन पीछे भीम” जैसे उल्लेख वीरता और शक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। मंत्र के अंतिम भाग में श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी से शरीर तथा जीवन की रक्षा की प्रार्थना की गई है।

हनुमान जी के वीर स्वरूप का महत्व

हनुमान जी को हिंदू धर्म में शक्ति, साहस, बुद्धि, भक्ति और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने श्रीराम के प्रति अपनी अटूट भक्ति और सेवा भाव से आदर्श स्थापित किया। लंका में प्रवेश, माता सीता की खोज और संजीवनी पर्वत लाने जैसे प्रसंग उनके अद्भुत पराक्रम को दर्शाते हैं।

इस मंत्र में भी हनुमान जी के इसी वीर और रक्षक स्वरूप का आवाहन किया गया है। भक्त उनकी कृपा का स्मरण करते हुए अपने भीतर साहस और आत्मविश्वास उत्पन्न करने की भावना रखता है।

हनुमान पहलवान मंत्र का पाठ कब करें?

हनुमान जी की उपासना के लिए मंगलवार और शनिवार को विशेष महत्व दिया जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इस मंत्र का पाठ इन दिनों या नियमित रूप से कर सकते हैं। पाठ के दौरान मन को शांत रखकर हनुमान जी का ध्यान करना उचित माना जाता है।

मंत्र जाप की सामान्य विधि

  1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. हनुमान जी के सामने दीपक और धूप जलाएं।
  3. श्रीराम और हनुमान जी का ध्यान करें।
  4. मंत्र का श्रद्धा और एकाग्रता के साथ पाठ करें।
  5. पाठ के बाद हनुमान जी से साहस, सद्बुद्धि और रक्षा की प्रार्थना करें।

हनुमान मंत्र के आध्यात्मिक लाभ

धार्मिक मान्यता के अनुसार हनुमान जी की उपासना से भक्त को साहस, आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है। नियमित भक्ति और मंत्र-पाठ मन को एकाग्र करने तथा सकारात्मक भाव विकसित करने में सहायक हो सकता है।

किसी भी मंत्र को चमत्कार या निश्चित परिणाम प्राप्त करने के साधन के रूप में देखने के बजाय श्रद्धा, साधना और आध्यात्मिक अनुशासन के रूप में करना उचित है।

विशेष सावधानी

यह मंत्र लोक एवं क्षेत्रीय हनुमान साधना परंपराओं में अलग-अलग पाठांतर के साथ मिल सकता है। इसलिए किसी विशेष अनुष्ठान, सिद्धि या तांत्रिक प्रयोग के लिए योग्य गुरु या आचार्य का मार्गदर्शन लेना उचित है।



ॐ हनुमान पहलवान मंत्र भगवान हनुमान के वीर, शक्तिशाली और रक्षक स्वरूप की लोकभक्ति परंपरा में की जाने वाली स्तुति है। इसमें अंजनी पुत्र हनुमान, श्रीराम के दूत तथा उनके पराक्रमी स्वरूप का स्मरण किया गया है। श्रद्धापूर्वक पाठ के साथ भक्त हनुमान जी से साहस, शक्ति, सद्बुद्धि और रक्षा की प्रार्थना कर सकता है।

जय श्री राम। जय बजरंगबली।