छायें काली घटाए तो क्या ,
तेरे आँचल के नीचे हूँ मैं
आगे आगे वो चलती मेरे ,
अपनी श्यामा के पीछे हूँ मैं ,
उसने पकड़ा मेरा हाथ है ,
फिर डरने की क्या बात है,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे
बोलो किस की ये औकात है
उनकी करुना का वर्णन करूँ ,
मेरी वाणी में वो दम नहीं ,
जबसे तेरा सहारा मिला,
फिर सताए कोई ग़म नहीं ,
करती ममता की बरसात है,
मेरी लड़ो की क्या बात है ,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे
बोलो किस की ये औकात है
क्यों तू भटके यहाँ से वहां ,
इनके चरणों में आ बैठ न ,
छोड़ दुनिया के नाते सभी,
श्यामा प्यारी से नाता बना ,
ये कराती मुलाक़ात है ,
मेरी श्यामा की क्या बात है ,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे
बोलो किस की ये औकात है
गर हो जाये करुना नज़र ,
बरसाना बुलाती हैं ये,
दिल क्यों न दीवाना बने,
हिरदये से लगाती है ये ,
प्यार करने में विख्यात है,
मेरी लाडो की क्या बात है ,
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं.....
इनके रहते कोई कुछ कहे
बोलो किस की ये औकात है