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आज का नक्षत्र पंचांग — पुष्य, दिल्ली,भारत

दिल्ली,भारत · 15 नवंबर 3168 · शुक्रवार

आज का नक्षत्र पुष्य है, जो 01:40 AM तक रहेगा। इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र प्रारंभ होगा। चंद्रमा की वर्तमान राशि मिथुन है।

आज के नक्षत्र का विवरण

पुष्य सभी कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र माना जाता है। शनि इसका स्वामी है। यह पोषण, समृद्धि और आध्यात्मिक विकास का प्रतीक है। सोना खरीदने, व्यापार शुरू करने और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम है।

✅ आज यह करें

  • सोना और आभूषण खरीदना
  • नया व्यापार शुरू करना
  • धार्मिक अनुष्ठान और पूजा
  • शिक्षा और अध्ययन
  • निवेश और बचत
  • सभी शुभ कार्य

❌ आज यह न करें

  • विवाह (कुछ परंपराओं में)
  • आक्रामक या विनाशकारी कार्य
  • अनावश्यक बहस
  • धन की बर्बादी
  • नकारात्मक सोच

नक्षत्र

पुष्य

प्रारंभ: 14 नवंबर 3168, 03:02 AMसमाप्ति: 15 नवंबर 3168, 01:40 AM

अश्लेषा

प्रारंभ: 15 नवंबर 3168, 01:40 AMसमाप्ति: 16 नवंबर 3168, 12:36 AM

चंद्र राशि

मिथुन

प्रारंभ: 04:38 AM, 13 Novसमाप्ति: 09:26 PM, 13 Nov

कर्क

प्रारंभ: 09:26 PM, 13 Novसमाप्ति: 12:36 AM, 16 Nov

अन्य दिनांक / शहर

प्रश्नोत्तर (FAQ)

नक्षत्र क्या है और पंचांग में इसका क्या महत्व है?

नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में 27 चंद्र मंजिलें हैं जिनसे चंद्रमा गुजरता है। पंचांग में नक्षत्र के आधार पर शुभ-अशुभ समय, व्रत-त्योहार और मुहूर्त निर्धारित किए जाते हैं।

चंद्रमा एक नक्षत्र में कितनी देर रहता है?

चंद्रमा प्रत्येक नक्षत्र में लगभग 24 घंटे रहता है और 27.3 दिनों में सभी 27 नक्षत्रों का चक्र पूरा करता है। इसी कारण प्रतिदिन नक्षत्र बदलता रहता है।

कौन से नक्षत्र शुभ माने जाते हैं?

रोहिणी, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण और रेवती नक्षत्र शुभ माने जाते हैं। इन नक्षत्रों में नए कार्य, यात्रा और शुभ कार्य करना लाभदायक होता है।

आज का नक्षत्र कैसे जानें?

इस पृष्ठ पर आपके शहर के अनुसार आज का नक्षत्र, उसका समय और चंद्र राशि दी गई है। शहर बदलकर अपने स्थान का सटीक नक्षत्र देखें।

डिसक्लेमर: यह गणना खगोलीय स्थिति पर आधारित है। मामूली अंतर संभव है।