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आज का नक्षत्र पंचांग — अश्लेषा, दिल्ली,भारत

दिल्ली,भारत · 26 अगस्त 3168 · सोमवार

आज का नक्षत्र अश्लेषा है, जो 11:21 PM तक रहेगा। इसके बाद पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र प्रारंभ होगा। चंद्रमा की वर्तमान राशि कर्क है।

आज के नक्षत्र का विवरण

अश्लेषा नक्षत्र का स्वामी बुध है। यह चतुराई, रहस्यवाद और गहन अंतर्दृष्टि का प्रतीक है। शोध, तांत्रिक अध्ययन और रणनीतिक योजना के लिए उपयुक्त है।

✅ आज यह करें

  • शोध और जांच
  • रणनीतिक योजना
  • तांत्रिक और रहस्यमय अध्ययन
  • राजनीतिक गतिविधियां
  • शत्रुओं से निपटना

❌ आज यह न करें

  • विवाह या सगाई
  • नई मित्रता शुरू करना
  • यात्रा
  • धन उधार देना
  • अजनबियों पर भरोसा

नक्षत्र

अश्लेषा

प्रारंभ: 25 अगस्त 3168, 03:46 AMसमाप्ति: 26 अगस्त 3168, 11:21 PM

पूर्वा फाल्गुनी

प्रारंभ: 26 अगस्त 3168, 11:21 PMसमाप्ति: 27 अगस्त 3168, 09:53 PM

चंद्र राशि

कर्क

प्रारंभ: 06:25 AM, 24 Augसमाप्ति: 01:22 AM, 26 Aug

सिंह

प्रारंभ: 11:21 PM, 26 Augसमाप्ति: 09:53 PM, 27 Aug

अन्य दिनांक / शहर

प्रश्नोत्तर (FAQ)

नक्षत्र क्या है और पंचांग में इसका क्या महत्व है?

नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में 27 चंद्र मंजिलें हैं जिनसे चंद्रमा गुजरता है। पंचांग में नक्षत्र के आधार पर शुभ-अशुभ समय, व्रत-त्योहार और मुहूर्त निर्धारित किए जाते हैं।

चंद्रमा एक नक्षत्र में कितनी देर रहता है?

चंद्रमा प्रत्येक नक्षत्र में लगभग 24 घंटे रहता है और 27.3 दिनों में सभी 27 नक्षत्रों का चक्र पूरा करता है। इसी कारण प्रतिदिन नक्षत्र बदलता रहता है।

कौन से नक्षत्र शुभ माने जाते हैं?

रोहिणी, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण और रेवती नक्षत्र शुभ माने जाते हैं। इन नक्षत्रों में नए कार्य, यात्रा और शुभ कार्य करना लाभदायक होता है।

आज का नक्षत्र कैसे जानें?

इस पृष्ठ पर आपके शहर के अनुसार आज का नक्षत्र, उसका समय और चंद्र राशि दी गई है। शहर बदलकर अपने स्थान का सटीक नक्षत्र देखें।

डिसक्लेमर: यह गणना खगोलीय स्थिति पर आधारित है। मामूली अंतर संभव है।