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आज का नक्षत्र पंचांग — मूल, दिल्ली,भारत

दिल्ली,भारत · 26 नवंबर 3168 · मंगलवार

आज का नक्षत्र मूल है, जो 09:35 AM तक रहेगा। इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र प्रारंभ होगा। चंद्रमा की वर्तमान राशि वृश्चिका है।

आज के नक्षत्र का विवरण

मूल नक्षत्र का स्वामी केतु है। यह जड़, अन्वेषण और भ्रम के विनाश का प्रतीक है। शोध, समस्याओं को जड़ से मिटाने और आध्यात्मिक जिज्ञासा के लिए अच्छा है।

✅ आज यह करें

  • शोध और जांच
  • समस्याओं को जड़ से मिटाना
  • आध्यात्मिक जिज्ञासा
  • आयुर्वेदिक उपचार
  • शास्त्र अध्ययन
  • नकारात्मकता का नाश

❌ आज यह न करें

  • नए कार्य शुरू करना
  • रोपण या बुवाई
  • विवाह संस्कार
  • नई वस्तुएं खरीदना
  • मनोरंजन यात्रा
  • निवेश करना

नक्षत्र

मूल

प्रारंभ: 25 नवंबर 3168, 06:54 AMसमाप्ति: 26 नवंबर 3168, 09:35 AM

पूर्वाषाढ़ा

प्रारंभ: 26 नवंबर 3168, 09:35 AMसमाप्ति: 27 नवंबर 3168, 12:31 PM

चंद्र राशि

वृश्चिका

प्रारंभ: 04:34 AM, 24 Novसमाप्ति: 06:54 AM, 25 Nov

धनु

प्रारंभ: 06:54 AM, 25 Novसमाप्ति: 12:31 PM, 27 Nov

अन्य दिनांक / शहर

प्रश्नोत्तर (FAQ)

नक्षत्र क्या है और पंचांग में इसका क्या महत्व है?

नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में 27 चंद्र मंजिलें हैं जिनसे चंद्रमा गुजरता है। पंचांग में नक्षत्र के आधार पर शुभ-अशुभ समय, व्रत-त्योहार और मुहूर्त निर्धारित किए जाते हैं।

चंद्रमा एक नक्षत्र में कितनी देर रहता है?

चंद्रमा प्रत्येक नक्षत्र में लगभग 24 घंटे रहता है और 27.3 दिनों में सभी 27 नक्षत्रों का चक्र पूरा करता है। इसी कारण प्रतिदिन नक्षत्र बदलता रहता है।

कौन से नक्षत्र शुभ माने जाते हैं?

रोहिणी, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, श्रवण और रेवती नक्षत्र शुभ माने जाते हैं। इन नक्षत्रों में नए कार्य, यात्रा और शुभ कार्य करना लाभदायक होता है।

आज का नक्षत्र कैसे जानें?

इस पृष्ठ पर आपके शहर के अनुसार आज का नक्षत्र, उसका समय और चंद्र राशि दी गई है। शहर बदलकर अपने स्थान का सटीक नक्षत्र देखें।

डिसक्लेमर: यह गणना खगोलीय स्थिति पर आधारित है। मामूली अंतर संभव है।